Google+ Followers

बुधवार, 22 अप्रैल 2015

अनुत्तरित प्रश्न


अनेक प्रश्न ऐसे है जो कभी दोहराए नही जाते
बहुत उत्तर भी ऐसे हैं जो कभी बतलाए नही जाते

इसी कारण अभावो का सदा स्वागत किया मैंने
कि घर आए मेहमान कभी लौटाए नही जाते

हुआ क्या आँख से आँसू अगर बाहर नही निकले
बहुत से गीत भी ऐसे है जो कभी गाए नही जाते

बनाना चाहती हूँ स्वर्ग तक सोपान सपनों का
मगर चादर से ज्यादा पाँव फैलाए नही जाते

प्रेषक
मोनिका दुबे (भट्ट)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें